मराठी भाषा को लेकर मुंबई में विवाद, ऑटो चालकों को नोटिस
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की जानकारी अनिवार्य किए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोमवार को कांदिवली, मलाड वेस्ट, सांताक्रूज, दहिसर और अंधेरी समेत कई इलाकों में विरोध-प्रदर्शन हुए। कांदिवली वेस्ट में प्रदर्शन के दौरान एक ऑटो चालक से कथित मारपीट भी हुई। पुलिस के मुताबिक, एमजी रोड की घटना में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लालजीपाड़ा में सुबह करीब 9 बजे प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने यात्रियों को लेकर जा रहे ऑटो और टैक्सी चालकों को रोका और यात्रियों को जबरन गाड़ियों से उतरने पर मजबूर किया। वाहनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का भी आरोप लगा। हालांकि, दोपहर तक हालात सामान्य हो गए।
यूनियन के एक नेता के मुताबिक, किसी यूनियन ने हड़ताल की अपील नहीं की थी। चालकों के बीच गलत जानकारी फैल गई थी कि मराठी नहीं जानने पर 5 हजार से 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। परिवहन विभाग ने 20 अगस्त से कमर्शियल पैसेंजर गाड़ियों के ड्राइवरों की मराठी जांच के लिए अभियान शुरू किया है, जिसमें 16 सवालों का टेस्ट लिया जा रहा है।
इस बीच संजय निरुपम और संजय उपाध्याय ने मराठी सीखने के लिए और समय देने की मांग की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सभी हमारे भाई है।
