Pahalgam Attack: नरसंहार के असली साजिशकर्ताओं को सजा मिली? पहलगाम हमले की बरसी पर ‘सामना’ में शिवसेना यूबीटी ने उठाए सवाल।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर शिवसेना (यूबीटी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि एक साल बाद भी देश के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नरसंहार के असली साजिशकर्ताओं को सजा मिली या फिर न्याय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की भेंट चढ़ गया। संपादकीय में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अपनी बात दुनिया के सामने रखने के लिए कई सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजे। लेकिन बहुत कम देशों ने भारत का खुलकर समर्थन किया। वहीं, देश के भीतर इस हमले की जांच भी ठहरती हुई नजर आ रही है।
लेख में यह भी सवाल उठाया गया कि आखिर आतंकवादी सीमा से करीब 200 किलोमीटर का सफर तय कर पहलगाम तक बिना पकड़े कैसे पहुंच गए और हमले के बाद जंगलों में कैसे फरार हो गए। इन गंभीर सुरक्षा चूकों पर अब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। संपादकीय में इस हमले को 2019 के पुलवामा हमले के बाद क्षेत्र का सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया गया है।