मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के ज्ञान को अनिवार्य करने वाले नियम को अब सख्ती से लागू किया जाएगा। राज्य सरकार ने मराठी नहीं जानने वाले चालकों के खिलाफ गुरुवार से अभियान शुरू करने का फैसला किया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को मंत्रालय में पत्रकार वार्ता में इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि नए बैज जारी करने से पहले चालकों के मराठी भाषा के ‘कामचलाऊ ज्ञान’ का सत्यापन अनिवार्य होगा।
सरनाईक के अनुसार, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बैज जारी करने से पहले चालक के मराठी ज्ञान की जांच की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार के फैसले के तहत गुरुवार से मराठी भाषा के नियम को लागू करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जो चालक निर्धारित भाषा संबंधी शर्त को पूरा नहीं करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि बैज जारी करने की प्रक्रिया में भाषा ज्ञान के सत्यापन को लेकर पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड की जाएगी। इससे नियमों के पालन की निगरानी और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के बाद ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का कामचलाऊ ज्ञान महत्वपूर्ण शर्त बन गया है


