अमित शाह ने विपक्ष से कहा है कि “2 बजे तक स्पीकर को चिट्ठी दें दें, 3 बजे से चर्चा शुरू कर देंगे और कल 3 बजे तक मैं हर सवाल का जवाब दूंगा।
संसद में चर्चा के तय नियम और प्रक्रिया हैं। सिर्फ मुझसे बयान देने को कहना संसदीय तरीका नहीं है। मैं आज 3 बजे से चर्चा के लिए तैयार हूं, रातभर बैठने को तैयार हूं और कल 3 बजे तक चर्चा जारी रख सकते हैं।” वैसे ये नियम और प्रक्रिया के नाम पर बचने की कोशिश तो नहीं हो रही है?? सीधा बताओ ना अपने ऑर्डर दिया था पुलिस बर्बरता का या नहीं?? हावभाव देखकर तो यही लग रहा है कि डर का माहौल है


