कंपनियों का निकला ‘तेल’, केंद्र को भी घाटा; क्या अब VAT घटाकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे राज्य?
नई दिल्ली। फ्यूल की कीमतों में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान में बस थोड़ी ही राहत मिली है, क्योंकि टैक्स को हटाकर देखें तो भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर अभी भी 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 38 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। इसका नतीजा यह हुआ है कि राज्यों पर VAT कम करने का दबाव बढ़ गया है, जो कुछ राज्यों में 30% तक है।
जहां एक तरफ पेट्रोलियम कंपनियों को नुकसान हो रहा है, वहीं केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम करके पहले ही कुछ नुकसान उठाना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ, उपभोक्ता पर भी इस बोझ का कुछ हिस्सा डाला गया है।