नई दिल्ली: ईरान और इजरायल/अमेरिका के बीच चल रही लड़ाई से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
भारत अपना ज्यादातर तेल और गैस आयात करता है। ऐसे में अगर पश्चिम एशिया में लड़ाई लंबी खिंचती है तो भारत के सामने ऊर्जा का संकट खड़ा हो सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध कम से कम चार हफ्ते तक चल सकता है।
ऐसे में होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक बाधित हो सकती है। भारत सरकार ने इस स्थिति के निपटने के लिए आपात योजना पर काम शुरू कर दिया है। इनमें पेट्रोल और डीजल का एक्सपोर्ट कम करना, रूस के कच्चे तेल का आयात बढ़ाना और एलपीजी की राशनिंग शामिल है।
ईटी की एक रिपोर्ट में इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत के पास 17-18 दिन की डिमांड के बराबर क्रूड का भंडार है।