छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे ने टीचर आयुषी धावरे की जान ले ली।
पति ऐसे घायल हुए कि पत्नी को अंतिम विदाई देने तक के लिए उठ नहीं सके।
रीति-रिवाज के मुताबिक आखिरी वक्त में सिंदूर देना था, पर हाथ नहीं पहुंचे। कांपते रहे। इस विदाई को जिसने देखा, उसकी आंख में आंसू आ गए। आयुषी धावरे का अंतिम संस्कार रायपुर के मणिकर्णिका मुक्तिधान में किया गया।