नागपुर में आरएसएस का 25 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू, सामाजिक परिवर्तन पर रहेगा जोर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 25 दिवसीय वार्षिक ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ कार्यक्रम सोमवार को रेशिमबाग स्थित डा. हेडगेवार स्मृति भवन परिसर में शुरू हुआ। आरएसएस के अनुसार, देश भर से 880 स्वयंसेवक इस वर्ष इस वर्ग में भाग ले रहे हैं, जिसमें सामाजिक जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सह-सरकार्यवाह और वर्ग पाकल अधिकारी (प्रशिक्षण प्रभारी) अतुल लिमये ने कहा कि भारत में जन्म लेना और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का हिस्सा बनना उनका सौभाग्य है।
आरएसएस की एक सदी लंबी यात्रा के दौरान इसे उपहास, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ा है। इसे तीन बार प्रतिबंधित भी किया गया था। यह यात्रा स्वयंसेवकों के समर्पण, संघर्ष के कारण ही संभव हो पाई है। साधारण दिखने वाले स्वयंसेवकों के असाधारण आचरण ने ही आरएसएस को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस की व्यक्ति निर्माण प्रक्रिया विकेंद्रीकृत है और इसका एक महत्वपूर्ण घटक दैनिक शाखा है।