लखनऊ। गोवंशी के संरक्षण के लिए प्रदेश में स्थापित गोशालाओं को चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनामी) से जोड़ने की तैयारी हो रही है।
इसके लिए यूनाईटेड नेशंस (यूएन) की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) इंडिया, प्रदेश के पशुधन विभाग और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंसधान संस्थान (दुवासु) मथुरा के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस एमओयू की रूपरेखा तैयार की गई।